परिचय

ई-पाठशाला हिंदी (epathshalahindi.in) के इस मंच पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

लेखक का परिचय:

डॉ. राजेश कुमार
असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी विभाग), समन्वयक (LSC), इग्नू (IGNOU), तिलक महाविद्यालय, औरैया

हिंदी साहित्य और भाषा के प्रति अटूट समर्पण और वर्षों के शैक्षणिक अनुभव के साथ, मैं डॉ. राजेश कुमार इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आपसे जुड़ा हूँ। मेरा उद्देश्य हिंदी के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को एक ऐसा मार्ग उपलब्ध कराना है, जहाँ ज्ञान की गहराई और सरलता का संगम हो।

शैक्षणिक योग्यता
मेरी शैक्षणिक यात्रा निरंतर सीखने और उत्कृष्टता प्राप्त करने की रही है:
उच्च शिक्षा: स्नातक (B.A.), परास्नातक (M.A.), एवं बी.एड. (B.Ed.)।
उच्चतम उपलब्धि: हिंदी विषय में पी-एच०डी० (Ph.D.) उपाधि।
राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय योग्यता: अनेक बार NET/JRF ,TET उत्तीर्ण, एक बार भाषा TET, और पी-एच०डी० में प्रवेश हेतु राज्य स्तरीय SET परीक्षा उत्तीर्ण एवं CCC (कंप्यूटर सर्टिफिकेट) धारक।
कुल मिलाकर 30+ प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की है ।

अनुभव एवं उपलब्धियाँ
पिछले 8+ वर्षों के शिक्षण अनुभव के दौरान मैंने शिक्षा जगत के विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दी हैं:
विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षात्कार (इंटरव्यू) दिया।जिसमें UPTGT, UPPGT, DSSB PGT,  आश्रम पद्धति प्रवक्ता , और UPHESC में सफलता प्राप्त किया परन्तु इनमें से दो ही नौकरी ज्वाइन कर पाया ऐसा इसलिए हुआ कि उपर्युक्त पांचों नौकरियां एक साथ मिली। वर्तमान में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कार्यरत हूं।
शोध एवं लेखन: राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में 8 शोध-पत्र प्रकाशित।
 हिंदी साहित्य पर केंद्रित एक अकादमिक पुस्तक के लेखक।
एक पुस्तक का सम्पादन
संगठनात्मक कौशल: विभिन्न सेमिनारों में उप-सचिव की भूमिका।
रोवर प्रभारी (स्काउट गाइड) के रूप में सक्रिय योगदान।
अनेक शैक्षणिक कार्यक्रमों और कार्यशालाओं का सफल संचालन/मेजबानी।
कानपुर विश्वविद्यालय द्वारा पुरस्कृत

हमारा उद्देश्य
epathshalahindi.in के माध्यम से मेरा प्रयास है कि:
1. हाई स्कूल से एम.ए. तक पाठ्यक्रम की तैयारी के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं – (TET, STET,CTET, SET,UPP,UPSI,BEd,NET, JRF, TGT, PGT)एवं PCS,IAS मेन्स आदि की तैयारी कर रहे छात्रों को सटीक और स्तरीय पाठ्य सामग्री मिले।
2.  हिंदी व्याकरण और साहित्य के जटिल विषयों को सरलतम रूप में प्रस्तुत किया जाए।
3.  शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम सूचनाओं और शोधपरक दृष्टिकोण को साझा किया जाए।

“साहित्य केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि समाज के निर्माण की आधारशिला भी है।”

संपर्क करें:
यदि आपके पास कोई प्रश्न, सुझाव या शैक्षणिक सहयोग का विचार है, तो आप मुझसे तिलक महाविद्यालय, औरैया में या हमारी वेबसाइट के संपर्क पेज के माध्यम से जुड़ सकते हैं। ई-मेल:- contact@epathshalahindi.in

धन्यवाद!
डॉ. राजेश कुमार
(असिस्टेंट प्रोफेसर एवं इग्नू (LSC) समन्वयक) तिलक महाविद्यालय, औरैया, उत्तर प्रदेश,भारत।