• हिंदी साहित्य के पुरस्कार
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार (1955-2025)

    साहित्य अकादमी पुरस्कार: एक संक्षिप्त परिचय

    • स्थापना: इस पुरस्कार की स्थापना 1954 में हुई थी और पहली बार ये पुरस्कार 1955 में दिए गए थे।
    • प्रदाता: यह सम्मान ‘साहित्य अकादमी’ (भारत की राष्ट्रीय अकादमी) द्वारा दिया जाता है।
    • कितनी भाषाओं में? यह पुरस्कार कुल 24 भाषाओं में दिया जाता है। इसमें भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं के अलावा अंग्रेजी और राजस्थानी भी शामिल हैं।
    • पुरस्कार राशि: वर्तमान में पुरस्कार के रूप में 1,00,000 रुपये (1 लाख) नकद, एक प्रशस्ति पत्र और एक उत्कीर्ण स्मृति फलक दिया जाता है। (शुरुआत में यह राशि 5,000 रुपये थी)।
    • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के उत्कृष्ट लेखन को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और भारतीय साहित्य की विविधता को दुनिया के सामने लाना है।
    वर्षसाहित्यकाररचना / कृतिविधा
    1955माखनलाल चतुर्वेदीहिमतरंगिणीकाव्य
    1956वासुदेवशरण अग्रवालपद्मावत संजीवनीव्याख्या
    1957आचार्य नरेन्द्रदेवबौद्ध धर्म दर्शनदर्शन
    1958राहुल सांकृत्यायनमध्य एशिया का इतिहासइतिहास
    1959रामधारी सिंह दिनकरसंस्कृति के चार अध्यायभा० संस्कृति
    1960सुमित्रानंदन पंतकला और बूढ़ा चाँदकाव्य
    1961भगवतीचरण वर्माभूले बिसरे चित्रउपन्यास
    1962पुरस्कार नहीं दिया गया
    1963अमृत रायप्रेमचंद : कलम का सिपाहीजीवनी
    1964अज्ञेयआँगन के पार द्वारकाव्य
    1965डॉ० नगेन्द्ररस सिद्धान्तविवेचना
    1966जैनेन्द्र कुमारमुक्तिबोधउपन्यास
    1967अमृतलाल नागरअमृत और विषउपन्यास
    1968हरिवंश राय बच्चनदो चट्टानेंकाव्य
    1969श्रीलाल शुक्लराग दरबारीउपन्यास
    1970रामविलास शर्मानिराला की साहित्य साधनाजीवनी
    1971नामवर सिंहकविता के नये प्रतिमानआलोचना
    1972भवानी प्रसाद मिश्रबुनी हुई रस्सीकाव्य
    1973हजारी प्रसाद द्विवेदीआलोक पर्वनिबन्ध
    1974शिवमंगल सिंह ‘सुमन’मिट्टी की बारातकाव्य
    1975भीष्म साहनीतमसउपन्यास
    1976यशपालमेरी तेरी उसकी बातउपन्यास
    1977शमशेर बहादुर सिंहचुका भी हूँ मैं नहींकाव्य
    1978भारत भूषण अग्रवालउतना वह सूरज हैकाव्य
    1979धूमिलकल सुनना मुझेकाव्य
    1980कृष्णा सोबतीजिन्दगीनामाउपन्यास
    1981त्रिलोचन शास्त्रीताप के ताये हुए दिनकाव्य
    1982हरिशंकर परसाईविकलांग श्रद्धा का दौरव्यंग्य
    1983सर्वेश्वर दयाल सक्सेनाखूँटियों पर टाँगे लोगकाव्य
    1984रघुवीर सहायलोग भूल गये हैंकाव्य
    1985निर्मल वर्माकव्वे और काला पानीकहानी
    1986केदारनाथ अग्रवालअपूर्वाकाव्य
    1987श्रीकांत वर्मामगधकाव्य
    1988नरेश मेहताअरण्याकाव्य
    1989केदारनाथ सिंहअकाल में सारसकाव्य
    1990शिव प्रसाद सिंहनीला चाँदउपन्यास
    1991गिरिजा कुमार माथुरमैं वक्त के हूँ सामनेकाव्य
    1992गिरिराज किशोरढाई घरउपन्यास
    1993विष्णु प्रभाकरअर्धनारीश्वरउपन्यास
    1994अशोक वाजपेयीकहीं नहीं वहींकाव्य
    1995कुँवर नारायणकोई दूसरा नहींकाव्य
    1996सुरेन्द्र वर्मामुझे चाँद चाहिएउपन्यास
    1997लीलाधर जगूड़ीअनुभव के आकाश में चाँदकाव्य
    1998अरुण कमलनये इलाके मेंकाव्य
    1999विनोद कुमार शुक्लदीवार में एक खिड़की रहती थीउपन्यास
    2000मंगलेश डबरालहम जो देखते हैंकाव्य
    2001अलका सरावगीकलि कथा : वाया बाईपासउपन्यास
    2002राजेश जोशीदो पंक्तियों के बीचकाव्य
    2003कमलेश्वरकितने पाकिस्तानउपन्यास
    2004वीरेन डंगवालदुष्चक्र में सृष्टाकाव्य
    2005मनोहर श्याम जोशीक्यापउपन्यास
    2006ज्ञानेन्द्र पतिसंशयात्माकाव्य
    2007अमरकांतइन्हीं हथियारों सेउपन्यास
    2008गोविन्द मिश्रकोहरे में कैद रंगउपन्यास
    2009कैलाश वाजपेयीहवा में हस्ताक्षरकाव्य
    2010उदय प्रकाशमोहनदासकहानी
    2011काशीनाथ सिंहरेहन पर रग्घूउपन्यास
    2012चंद्रकांत देवतालेपत्थर फेंकता हैकाव्य
    2013मृदुला गर्गमिलजुल मनउपन्यास
    2014रमेश चंद्र शाहविनायकउपन्यास
    2015रामदरश मिश्रआग की हंसीकाव्य
    2016नासिरा शर्मापारिजातउपन्यास
    2017रमेश कुंतल मेघविश्व ग्राम की डायरीसाहित्य आलोचना
    2018चित्रा मुदगलपोस्ट बॉक्स नंबर 203 नाला सोपाराउपन्यास
    2019नंदकिशोर आचार्यछीलते हुए अपने कोकविता
    2020अनामिकाटोकरी में दिगंत: थेरीगाथाकविता
    2021दया प्रकाश सिन्हासम्राट अशोकनाटक
    2022बद्री नारायणतुमड़ी के शब्दकविता
    2023संजीवमुझे पहचानोउपन्यास
    2024गगन गिलमैं जब तक आयी बाहरकविता
    2025ममता कालियाजीते जी इलाहाबादसंस्मरण

    Dr. Rajesh Sir

    असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग तिलक महाविद्यालय, औरैया।

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