• हिंदी साहित्य के पुरस्कार
  • व्यास सम्मान (1991-2024)

    व्यास सम्मान :

    व्यास सम्मान भारतीय साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। इसे ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद दूसरा सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान माना जाता है।

    प्रमुख तथ्य:

    • स्थापना: इसकी शुरुआत वर्ष 1991 में के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा की गई थी।
    • क्षेत्र: यह पुरस्कार केवल हिन्दी भाषा की साहित्यिक कृतियों के लिए दिया जाता है।
    • पात्रता: पिछले 10 वर्षों के भीतर प्रकाशित किसी भी उत्कृष्ट हिन्दी कृति (कविता, उपन्यास, नाटक, आलोचना आदि) को इस सम्मान के लिए चुना जा सकता है।
    • पुरस्कार राशि: वर्तमान में विजेता को 4 लाख रुपये नकद, एक प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान किया जाता है।
    • प्रथम विजेता: पहला व्यास सम्मान डॉ. रामविलास शर्मा को उनकी कृति “भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिन्दी” के लिए दिया गया था।
    वर्षपुरस्कार विजेतापुस्तकविधा
    1991राम विलास शर्माभारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिन्दीभाषा विज्ञान
    1992शिव प्रसाद सिंहनीला चाँदउपन्यास
    1993गिरिजा कुमार माथुरमैं वक्त के हूँ सामनेकाव्य
    1994धर्मवीर भारतीसपना अभी भीकाव्य
    1995कुँवर नारायणआत्मजयीकाव्य
    1996रामस्वरूप चतुर्वेदीहिन्दी साहित्य और संवेदना का विकासइतिहास
    1997केदारनाथ सिंहउत्तर कबीर तथा अन्य कविताएँकाव्य
    1998गोविन्द मिश्रपाँच आँगनों वाला घरउपन्यास
    1999श्रीलाल शुक्लविश्रामपुर का संतउपन्यास
    2000गिरिराज किशोरपहला गिरमिटियाउपन्यास
    2001रमेशचन्द्र शाहआलोचना का पक्षआलोचना
    2002कैलाश वाजपेयीपृथ्वी का कृष्ण पक्षकाव्य
    2003चित्रा मुद्गलआँवाउपन्यास
    2004मृदुला गर्गकठगुलाबउपन्यास
    2005चन्द्रकांताकथा सतीसरउपन्यास
    2006परमानंद श्रीवास्तवकविता का अर्थात्आलोचना
    2007कृष्णा सोबतीसमय सरगमउपन्यास
    2008मन्नू भंडारीएक कहानी यह भीआत्मकथा
    2009अमरकांतइन्हीं हथियारों सेउपन्यास
    2010विश्वनाथ प्रसाद तिवारीफिर भी कुछ शेष रह जाएगाकाव्य
    2011रामदरश मिश्रआम के पत्तेकाव्य
    2012नरेन्द्र कोहलीना भूतो ना भविष्यतिउपन्यास
    2013विश्वनाथ त्रिपाठीव्योमकेश दरवेशसंस्मरण
    2014कमल किशोर गोयनकाप्रेमचंद की कहानियों का कालक्रमानुसार अध्ययनआलोचना/अध्ययन
    2015सुनीता जैनक्षमाकाव्य संग्रह
    2016सुरेंद्र वर्माकाटना शमी का वृक्ष पद्मपंखुरी की धार सेउपन्यास
    2017ममता कालियादुक्खम-सुक्खमउपन्यास
    2018लीलाधर जगूड़ीजितने लोग उतने प्रेमकविता संग्रह
    2019नासिरा शर्माकागज की नावउपन्यास
    2020शरद पगारेपाटलिपुत्र की साम्राज्ञीउपन्यास
    2021असगर वजाहतमहाबलीनाटक
    2022डॉ. ज्ञान चतुर्वेदीपागलखानाउपन्यास
    2023पुष्पा भारतीयादें, यादें और यादेंसंस्मरण
    2024सूर्यबालाकौन देस को वासी: वेणु की डायरीउपन्यास

    Dr. Rajesh Sir

    असिस्टेंट प्रोफेसर, हिंदी विभाग तिलक महाविद्यालय, औरैया।

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